दैनिक पंचांग
अहमदाबाद, गुजरात, भारत · सोमवार, 07 डिसें 2026
सूर्योदय
07:07सूर्यास्त
17:54चंद्रोदय
05:33चंद्रास्त
16:27चंद्रोदय आणि चंद्रास्त या ठिकाणच्या कॅलेंडर दिवसासाठी (मध्यरात्र ते मध्यरात्र) आहेत. चंद्र दररोज सुमारे 50 मिनिटे उशिरा उगवतो, म्हणून काही तारखांना तो त्या दिवसात उगवत किंवा मावळत नाही. तेव्हा डॅशचा अर्थ घटना शेजारच्या दिवशी घडते.
पंचांग अंगे
| अंग | मूल्य | समाप्ती | ग्रंथ काय सांगतात |
|---|---|---|---|
| तिथी | चतुर्दशी नंतर अमावस्या |
04:13 08 डिसें 2026 |
रिक्ता (रिकामी) सुरुवातीसाठी परंपरेने वर्ज्य; स्वच्छता, पाडकाम आणि जाणीवपूर्वक काही संपवण्यासाठी वापरली जाते. |
| नक्षत्र | विशाखा नंतर अनुराधा |
15:48 | निश्चयाचे नक्षत्र. ध्येयाकडे एकाग्र वाटचाल, आणि ते गाठल्यावर पुढचे शोधणे. |
| योग | अतिगण्ड नंतर सुकर्मा |
07:46 | अशुभ नव्या सुरुवातीसाठी ज्या योगांपासून दूर राहावे असे ग्रंथ सांगतात, त्यांपैकी एक. |
| करण | विष्टि नंतर शकुनि · 04:13 (08 डिसें 2026) पर्यंत नंतर चतुष्पद |
15:15 | हे विष्टी (भद्रा) आहे — ते करण ज्यापासून शुभ सुरुवातीसाठी दूर राहावे असे ग्रंथ सांगतात. |
| वार | सोमवार | — | चंद्राचा दिवस. पाणी, प्रवास आणि घरगुती कामांसाठी शुभ. |
मुहूर्त वर्गीकरण शास्त्रीय मुहूर्त साहित्यातून (मुहूर्त चिंतामणी आणि पंचांग परंपरा). हे निवडीचे नियम आहेत, भाकीत नाही.
दिवसाचे काळ
- सूर्योदय 07:07
- सूर्यास्त 17:54
- परंपरेत त्याज्य
- परंपरेत शुभ
सूर्य आणि मुहूर्त
| कालखंड | पासून | पर्यंत | ग्रंथ काय सांगतात |
|---|---|---|---|
| सूर्योदय | 07:07 | — | |
| सूर्यास्त | 17:54 | — | |
| राहुकाळ | 08:28 | 09:49 | सुमारे 90 मिनिटांचा अशुभ काळ, ज्याचे स्थान वारावरून ठरते. ग्रंथ त्यात नवे काहीही सुरू करण्यास मनाई करतात. |
| गुलिक | 13:51 | 15:12 | शनीचा उपकाळ; राहू काळाप्रमाणेच कारणांनी वर्ज्य, आणि परिणामात अधिक टिकाऊ मानला जातो. |
| यमगंड | 11:10 | 12:30 | तिसरा अशुभ काळ, तोही वारावरून निश्चित. |
| अभिजित | 12:09 | 12:52 | दिवसाचे आठवे मुहूर्त, जे स्थानिक मध्यान्हावर येते. परंपरेने दिवसातील सर्वाधिक शुभ काळ आणि सुरुवातीसाठी प्रमाण पर्याय. |
| ब्रह्म मुहूर्त | 05:21 | 06:14 | पहाटेपूर्वी: परंपरेने उठणे, प्रार्थना, ध्यान आणि अभ्यासाची वेळ. |
| प्रातः संध्या | 05:48 | 07:07 | पहाटेची संध्या, सूर्योदयाला संपणारी: सकाळच्या पूजेची वेळ. |
| विजय मुहूर्त | 14:18 | 15:01 | प्रवासाला निघण्यासाठी आणि यश हवे असलेल्या कामांसाठी शुभ. |
| गोधूलि मुहूर्त | 17:54 | 18:20 | सूर्यास्ताची गोरज वेळ: अनेक प्रदेशांत विवाहासाठी शुभ. |
| सायाह्न संध्या | 17:54 | 19:13 | सायंकाळची संध्या, सूर्यास्तापासून: सायंकाळच्या पूजेची वेळ. |
| निशीथ मुहूर्त | 00:04 | 00:57 08 डिसें 2026 |
मध्यरात्रीचा मुहूर्त, अभिजितचा प्रतिरूप: शिव आणि कालीच्या पूजेसाठी, जसे शिवरात्रीला. |
| दुर्मुहूर्त | 12:52 | 13:35 | शुभ कार्यांच्या सुरुवातीसाठी वर्ज्य. |
| दुर्मुहूर्त | 15:01 | 15:44 | शुभ कार्यांच्या सुरुवातीसाठी वर्ज्य. |
| अमृत काळ | 06:48 08 डिसें 2026 |
08:34 08 डिसें 2026 |
सुमारे दीड तासाचा काळ, जो सूर्यावरून नव्हे तर चंद्राच्या नक्षत्रावरून ठरतो: शुभ कार्याची सुरुवात करण्यासाठी उत्तम मानला जातो. |
| वर्ज्यम् | 20:13 | 21:58 | चंद्राच्या नक्षत्रावरून ठरणारा सुमारे दीड तासाचा काळ, ज्याला त्याज्यम् असेही म्हणतात: यात नवी कामे सुरू करत नाहीत. दक्षिण भारतात राहु काळाबरोबर विशेष पाळला जातो. |
दिवस एका दृष्टिक्षेपात
- दिनमान
- 10 ता 46 मि
- रात्रिमान
- 13 ता 14 मि
- मध्यान्ह
- 12:30
- दिशा शूल — प्रवासासाठी वर्ज्य दिशा
- पूर्व
सूर्याची वरची कडा क्षितिजावर येते तेव्हा सूर्योदय मानला आहे, वातावरणीय अपवर्तनासह — दृक् पंचांगाची पद्धत. सूर्याच्या मध्याला धरणाऱ्या पंचांगांत दोन ते चार मिनिटांचा फरक असू शकतो.
दिवसाचा अधिक तपशील
- चंद्र राशी
- तूळ · 09:14 पर्यंत
नंतर वृश्चिक - सूर्य राशी
- वृश्चिक
- नक्षत्र चरण
- विशाखा चरण 3 · 09:14 पर्यंत
विशाखा चरण 4 · 15:48 पर्यंत
अनुराधा चरण 1 · 22:23 पर्यंत
अनुराधा चरण 2 · 05:00 (08 डिसें 2026) पर्यंत
अनुराधा चरण 3 - सूर्य नक्षत्र
- ज्येष्ठा चरण 2
- आनंदादी योग
- मित्र · 15:48 पर्यंत
नंतर मानस - शके
- 1948 पराभव
- विक्रम संवत
- 2083
- गुजराती संवत
- 2083 कालयुक्त
- ऋतू (चांद्र मासानुसार)
- शरद्
- ऋतू (सूर्याच्या ऋतूनुसार)
- हेमन्त
- अयन (निरयन)
- दक्षिणायन
- अयन (अयनांतानुसार)
- दक्षिणायन
- चंद्र वास (चंद्राची दिशा)
- पश्चिम · 09:14 पर्यंत
नंतर उत्तर - राहु वास (राहूची दिशा)
- वायव्य
शक वर्ष चैत्र शुद्ध प्रतिपदेला आणि गुजराती वर्ष दिवाळीच्या दुसऱ्या दिवशी, कार्तिक शुद्ध प्रतिपदेला बदलते. दोन ऋतू वेगळे आहेत कारण एक चांद्र मासानुसार चालतो आणि दुसरा सूर्याच्या प्रत्यक्ष ऋतूनुसार.
| कालखंड | पासून | पर्यंत | ग्रंथ काय सांगतात |
|---|---|---|---|
| रवि योग | आज नाही | चंद्राचे नक्षत्र सूर्याच्या नक्षत्रापासून 4थे, 6वे, 9वे, 10वे, 13वे किंवा 20वे असते तेव्हा: दिवसाचे अनेक दोष दूर करणारा मानला जातो, म्हणून कार्यारंभासाठी शोधला जातो. | |
| भद्रा | 07:07 | 15:15 | विष्टी करण. यात शुभ कार्ये टाळली जातात, विशेषतः भद्रा पृथ्वीवर वास करते असे मानले जाते तेव्हा; स्वर्गात किंवा पाताळात असल्यास येथे निरुपद्रवी मानली जाते. पाताळात · 09:14 पर्यंत; स्वर्गात |
| गंड मूळ | आज नाही | चंद्र अश्विनी, आश्लेषा, मघा, ज्येष्ठा, मूळ किंवा रेवतीत, जल आणि अग्नी राशींच्या संधीवरील नक्षत्रे. यात जन्म झाल्यास परंपरेने शांती केली जाते. | |
| पंचक | आज नाही | चंद्र कुंभ किंवा मीनमध्ये, धनिष्ठेच्या उत्तरार्धापासून रेवतीच्या अखेरपर्यंत. परंपरेने दक्षिणेकडील प्रवास, छत घालणे आणि लाकूड गोळा करणे टाळले जाते. | |
चौघडिया
रात्रीचा क्रम चक्राच्या वेगळ्या बिंदूपासून सुरू होतो, म्हणून दोन्ही स्वतंत्रपणे दिले आहेत, एकातून दुसरे काढलेले नाही.
दिवस
| चौघडिया | पासून | पर्यंत | गुण |
|---|---|---|---|
| अमृत | 07:07 | 08:28 | सर्वोत्तम कोणतेही काम |
| काल | 08:28 | 09:49 | वर्ज्य काही मतांनुसार फक्त धनसंचय |
| शुभ | 09:49 | 11:10 | शुभ संस्कार, विवाह, कोणतेही मंगल कार्य |
| रोग | 11:10 | 12:30 | वर्ज्य फक्त वाद आणि कर्जवसुली |
| उद्वेग | 12:30 | 13:51 | वर्ज्य फक्त शासकीय काम |
| चल | 13:51 | 15:12 | सम प्रवास आणि हालचाल |
| लाभ | 15:12 | 16:33 | शुभ व्यापार, नवा व्यवसाय, लाभ |
| अमृत | 16:33 | 17:54 | सर्वोत्तम कोणतेही काम |
रात्र
| चौघडिया | पासून | पर्यंत | गुण |
|---|---|---|---|
| चल | 17:54 | 19:33 | सम प्रवास आणि हालचाल |
| रोग | 19:33 | 21:12 | वर्ज्य फक्त वाद आणि कर्जवसुली |
| काल | 21:12 | 22:52 | वर्ज्य काही मतांनुसार फक्त धनसंचय |
| लाभ | 22:52 | 00:31 | शुभ व्यापार, नवा व्यवसाय, लाभ |
| उद्वेग | 00:31 | 02:10 | वर्ज्य फक्त शासकीय काम |
| शुभ | 02:10 | 03:49 | शुभ संस्कार, विवाह, कोणतेही मंगल कार्य |
| अमृत | 03:49 | 05:29 | सर्वोत्तम कोणतेही काम |
| चल | 05:29 | 07:08 | सम प्रवास आणि हालचाल |
गौरी पंचांगम्
तमिळ पद्धत दिवसाच्या त्याच आठ भागांना वेगळी नावे देते. हे भाषांतर नाही, वेगळे कोष्टक आहे — दिवसाचा कोणता भाग शुभ यावर दोघांचे मतभेद आहेत.
| गौरी | पासून | पर्यंत | गुण |
|---|---|---|---|
| उथि | 07:07 | 08:28 | सम सामान्य काम |
| सोरम् | 08:28 | 09:49 | वर्ज्य काहीही नवे नाही |
| रोगम् | 09:49 | 11:10 | वर्ज्य फक्त औषध |
| विषम् | 11:10 | 12:30 | वर्ज्य काहीही नवे नाही |
| लाभम् | 12:30 | 13:51 | शुभ लाभ, नवे काम |
| धनम् | 13:51 | 15:12 | शुभ धन, खरेदी, व्यापार |
| सुगम् | 15:12 | 16:33 | शुभ प्रवास, सुलभता, आदरातिथ्य |
| अमृतम् | 16:33 | 17:54 | सर्वोत्तम कोणतेही मंगल कार्य |
होरा
सूर्योदयापासून चोवीस होरा, कॅल्डियन क्रमाने. त्या असमान असतात — बारा दिवस-होरा दिवसाला आणि बारा रात्र-होरा रात्रीला वाटतात — म्हणून उन्हाळ्यात दिवस-होरा तासाहून मोठी आणि रात्र-होरा लहान असते. कोणत्याही दिवसाची पहिली होरा त्याच दिवसाच्या स्वामीची असते, आणि तिथूनच वारांची नावे आली.
| # | होरा स्वामी | पासून | पर्यंत | कशासाठी |
|---|---|---|---|---|
| 1 | चंद्र | 07:07 | 08:01 | प्रवास, पाणी, आई, आणि जिथे मृदू उत्तर हवे ज्या निर्णयावर ठाम राहायचे त्यासाठी नाही |
| 2 | शनी | 08:01 | 08:55 | श्रम, दुरुस्ती, आणि जे संथ व संरचनात्मक ज्या सुरुवातीला वेग हवा त्यासाठी नाही |
| 3 | गुरू | 08:55 | 09:49 | शिक्षण, सल्ला, संस्कार, आणि जे टिकावे सर्वसाधारणपणे सर्वाधिक शुभ होरा |
| 4 | मंगळ | 09:49 | 10:43 | शस्त्रक्रिया, खेळ, जमीन, आणि निवडलेला संघर्ष वाटाघाटी किंवा पहिल्या भेटीसाठी नाही |
| 5 | सूर्य | 10:43 | 11:37 | अधिकार, शासकीय काम, वडिलांशी संबंधित काम संयम मागणाऱ्या कामासाठी नाही |
| 6 | शुक्र | 11:37 | 12:30 | विवाह, कला, सुखसाधनांची खरेदी, आदरातिथ्य तप किंवा कठोर घासाघीससाठी नाही |
| 7 | बुध | 12:30 | 13:24 | व्यापार, लेखन, हिशेब, अभ्यास, वाटाघाटी जे कायमस्वरूपी हवे त्यासाठी नाही |
| 8 | चंद्र | 13:24 | 14:18 | प्रवास, पाणी, आई, आणि जिथे मृदू उत्तर हवे ज्या निर्णयावर ठाम राहायचे त्यासाठी नाही |
| 9 | शनी | 14:18 | 15:12 | श्रम, दुरुस्ती, आणि जे संथ व संरचनात्मक ज्या सुरुवातीला वेग हवा त्यासाठी नाही |
| 10 | गुरू | 15:12 | 16:06 | शिक्षण, सल्ला, संस्कार, आणि जे टिकावे सर्वसाधारणपणे सर्वाधिक शुभ होरा |
| 11 | मंगळ | 16:06 | 17:00 | शस्त्रक्रिया, खेळ, जमीन, आणि निवडलेला संघर्ष वाटाघाटी किंवा पहिल्या भेटीसाठी नाही |
| 12 | सूर्य | 17:00 | 17:54 | अधिकार, शासकीय काम, वडिलांशी संबंधित काम संयम मागणाऱ्या कामासाठी नाही |
| 13 रात्र | शुक्र | 17:54 | 19:00 | विवाह, कला, सुखसाधनांची खरेदी, आदरातिथ्य तप किंवा कठोर घासाघीससाठी नाही |
| 14 रात्र | बुध | 19:00 | 20:06 | व्यापार, लेखन, हिशेब, अभ्यास, वाटाघाटी जे कायमस्वरूपी हवे त्यासाठी नाही |
| 15 रात्र | चंद्र | 20:06 | 21:12 | प्रवास, पाणी, आई, आणि जिथे मृदू उत्तर हवे ज्या निर्णयावर ठाम राहायचे त्यासाठी नाही |
| 16 रात्र | शनी | 21:12 | 22:18 | श्रम, दुरुस्ती, आणि जे संथ व संरचनात्मक ज्या सुरुवातीला वेग हवा त्यासाठी नाही |
| 17 रात्र | गुरू | 22:18 | 23:25 | शिक्षण, सल्ला, संस्कार, आणि जे टिकावे सर्वसाधारणपणे सर्वाधिक शुभ होरा |
| 18 रात्र | मंगळ | 23:25 | 00:31 | शस्त्रक्रिया, खेळ, जमीन, आणि निवडलेला संघर्ष वाटाघाटी किंवा पहिल्या भेटीसाठी नाही |
| 19 रात्र | सूर्य | 00:31 | 01:37 | अधिकार, शासकीय काम, वडिलांशी संबंधित काम संयम मागणाऱ्या कामासाठी नाही |
| 20 रात्र | शुक्र | 01:37 | 02:43 | विवाह, कला, सुखसाधनांची खरेदी, आदरातिथ्य तप किंवा कठोर घासाघीससाठी नाही |
| 21 रात्र | बुध | 02:43 | 03:49 | व्यापार, लेखन, हिशेब, अभ्यास, वाटाघाटी जे कायमस्वरूपी हवे त्यासाठी नाही |
| 22 रात्र | चंद्र | 03:49 | 04:55 | प्रवास, पाणी, आई, आणि जिथे मृदू उत्तर हवे ज्या निर्णयावर ठाम राहायचे त्यासाठी नाही |
| 23 रात्र | शनी | 04:55 | 06:02 | श्रम, दुरुस्ती, आणि जे संथ व संरचनात्मक ज्या सुरुवातीला वेग हवा त्यासाठी नाही |
| 24 रात्र | गुरू | 06:02 | 07:08 | शिक्षण, सल्ला, संस्कार, आणि जे टिकावे सर्वसाधारणपणे सर्वाधिक शुभ होरा |
सण आणि व्रते
या तारखेला काही नोंदलेले नाही.