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चंद्र राशि के अनुसार राशिफल

वृषभ साप्ताहिक राशिफल · 19 अक्तू 2026 – 25 अक्तू 2026

अनुकूल

हफ़्ता संक्षेप में

इस हफ़्ते तेज़ चलने वाले ज़्यादातर ग्रह (सूर्य, मंगल, बुध, शुक्र) उन भावों में हैं, जिन्हें परंपरा आपकी राशि के लिए शुभ मानती है। आगे बढ़ने के लिए अच्छा हफ़्ता।

दिन-ब-दिन

  1. 19सोमवार

    चंद्रमा आपके नौवें भाव में है।

    ग्रंथ इसे थकाने वाला और धीमा बताते हैं; योजनाएँ अटक सकती हैं।

  2. 20मंगलवार

    चंद्रमा आपके नौवें भाव में है।

    ग्रंथ इसे थकाने वाला और धीमा बताते हैं; योजनाएँ अटक सकती हैं।

  3. 21बुधवार

    चंद्रमा आपके नौवें भाव में है।

    ग्रंथ इसे थकाने वाला और धीमा बताते हैं; योजनाएँ अटक सकती हैं।

  4. 22गुरुवार

    चंद्रमा आपके दसवें भाव में है।

    ग्रंथ इसे काम में सफलता और काम पूरे होने का समय बताते हैं।

  5. 23शुक्रवार

    चंद्रमा आपके दसवें भाव में है।

    ग्रंथ इसे काम में सफलता और काम पूरे होने का समय बताते हैं।

  6. 24शनिवार

    चंद्रमा आपके ग्यारहवें भाव में है।

    ग्रंथ इसे लाभ, अच्छी ख़बर और दोस्तों के साथ समय बताते हैं।

  7. 25रविवार

    चंद्रमा आपके ग्यारहवें भाव में है।

    ग्रंथ इसे लाभ, अच्छी ख़बर और दोस्तों के साथ समय बताते हैं।

आपकी राशि से हर ग्रह कहाँ है

आपकी चंद्र राशि से भावों में गिना गया। हाइलाइट किए गए ग्रह इस अवधि का रुख़ तय करते हैं।

ग्रहपरंपरा क्या कहती है
सूर्य शुभ छठे भाव · तुला
काम, अधिकार, सेहत, और बड़ों तथा पिता से व्यवहार।
चंद्र शुभ, पर वेध से बाधित दसवें भाव · कुम्भ
केतु की बाधा (वेध)
मनोदशा, मन, सुख और माँ।
मंगल शुभ तीसरे भाव · कर्क
ऊर्जा, साहस, संपत्ति और भाई; साथ ही ग़ुस्सा और दुर्घटनाएँ।
बुध शुभ छठे भाव · तुला
पढ़ाई, व्यापार, लेखन, बातचीत और हिसाब-किताब।
गुरु सावधानी माँगता है तीसरे भाव · कर्क
बढ़ोतरी, ज्ञान, संतान, बचत और अच्छी सलाह।
शुक्र
(वक्री)
सावधानी माँगता है छठे भाव · तुला
रिश्ते, शादी, सुख-सुविधा, वाहन और कलाएँ।
शनि
(वक्री)
शुभ ग्यारहवें भाव · मीन
कड़ी मेहनत, अनुशासन, देरी और लंबे प्रयास।
राहु सावधानी माँगता है दसवें भाव · कुम्भ
महत्वाकांक्षा, विदेश से जुड़ाव और अनपेक्षित बातें।
केतु सावधानी माँगता है चौथे भाव · सिंह
मोह छोड़ना, आध्यात्मिक बातें और अचानक बदलाव।

राशि बदलने वाले ग्रह

यह राशिफल कैसे निकाला जाता है

इस अवधि के लिए हर ग्रह की स्थिति निकाली जाती है और चंद्र राशि से भावों में गिनी जाती है। शास्त्रीय गोचर नियम (फलदीपिका, बृहत् संहिता) बताते हैं कि हर ग्रह का गोचर किन भावों में शुभ है; बाक़ी भावों में वह कठिन है। कोई शुभ स्थिति तब कट जाती है (वेध), जब कोई दूसरा ग्रह उसके वेध वाले भाव में हो। दिन का रुख़ चंद्रमा तय करता है; हफ़्ते या महीने का सूर्य, मंगल, बुध और शुक्र; और साल का गुरु, शनि और राहु।

ग्रहकिन भावों में शुभवेध (शुभ भाव → बाधा वाला भाव)
सूर्य3, 6, 10, 11 3→9, 6→12, 10→4, 11→5
चंद्र1, 3, 6, 7, 10, 11 1→5, 3→9, 6→12, 7→2, 10→4, 11→8
मंगल3, 6, 11 3→12, 6→9, 11→5
बुध2, 4, 6, 8, 10, 11 2→5, 4→3, 6→9, 8→1, 10→8, 11→12
गुरु2, 5, 7, 9, 11 2→12, 5→4, 7→3, 9→10, 11→8
शुक्र1, 2, 3, 4, 5, 8, 9, 11, 12 1→8, 2→7, 3→1, 4→10, 5→9, 8→5, 9→11, 11→6, 12→3
शनि3, 6, 11 3→12, 6→9, 11→5
राहु3, 6, 11 —
केतु3, 6, 11 —

ग्रंथों के अनुसार सूर्य और शनि के बीच, और चंद्रमा और बुध के बीच कोई वेध नहीं गिना जाता। राहु और केतु शनि वाले भावों का ही पालन करते हैं। यह राशिफल इस राशि में जन्मे सभी लोगों के लिए है; आपकी अपनी कुंडली और दशा इससे ज़्यादा मायने रखती हैं।

समय भारतीय मानक समय में हैं।