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साढ़े साती

साढ़े साती और आज का गोचर

वक्री गति के कारण शनि एक राशि की सीमा तीन बार तक पार करता है, इसलिए “शनि इस दिन कुम्भ में आया” प्रायः एक नहीं, तीन तिथियाँ होती हैं। यहाँ हर संक्रमण पंचांग-गणना से निकाला गया है और सभी दिखाए गए हैं।

कोई खाता नहीं, कोई कुकी नहीं। पृष्ठ बनते ही जन्म-विवरण हटा दिए जाते हैं।