दैनिक पंचांग
मुंबई, महाराष्ट्र, भारत · रविवार, 20 एप्रि 2025
हा दिवस, सोप्या शब्दांत
- तिथी
- सप्तमी · 19:01 पर्यंत
- नक्षत्र
- पूर्वाषाढा · 11:48 पर्यंत
- काही सुरू करण्यासाठी चांगली वेळ
- 12:12–13:02 · अभिजित
- नवीन काम सुरू करणे टाळा
- 17:22–18:57 · राहुकाळ
सर्व वेळा मुंबई, महाराष्ट्र, भारत साठी आहेत. त्या ठिकाणानुसार बदलतात.
सूर्योदय
06:17सूर्यास्त
18:57चंद्रोदय
00:35चंद्रास्त
11:36चंद्रोदय आणि चंद्रास्त या ठिकाणच्या या कॅलेंडर दिवसासाठी (मध्यरात्र ते मध्यरात्र) आहेत. चंद्र रोज सुमारे 50 मिनिटे उशिरा उगवतो, त्यामुळे काही दिवशी तो उगवत नाही किंवा मावळत नाही. जिथे रेघ आहे, तिथे ते आदल्या किंवा पुढच्या दिवशी होते.
दिवसाची पाच अंगे (पंचांग)
| अंग | मूल्य | समाप्ती | जुने ग्रंथ काय सांगतात |
|---|---|---|---|
| तिथी | सप्तमी नंतर अष्टमी |
19:01 | भद्रा (शुभ) सेवा, आरोग्यविषयक बाबी आणि स्थिर कामासाठी शुभ. |
| नक्षत्र | पूर्वाषाढा नंतर उत्तराषाढा |
11:48 | अजिंक्यता. आत्मविश्वास, शुद्धीकरण आणि माघार न घेण्याची वृत्ती. |
| योग | सिद्ध नंतर साध्य |
00:12 21 एप्रि 2025 |
शुभ मुहूर्त साहित्यात शुभ योगांमध्ये गणला जातो. |
| करण | विष्टि नंतर बव · 19:01 पर्यंत नंतर बालव |
06:46 | हे विष्टी (भद्रा) आहे — ते करण ज्यापासून शुभ सुरुवातीसाठी दूर राहावे असे ग्रंथ सांगतात. |
| वार | रविवार | — | सूर्याचा दिवस. अधिकार आणि आरोग्याच्या बाबींसाठी शुभ. |
या शुभ-अशुभ वेळा मुहूर्त चिंतामणीसारख्या शास्त्रीय मुहूर्त ग्रंथांमधून घेतल्या आहेत. वेळ निवडण्याचे हे पारंपरिक नियम आहेत, भाकिते नाहीत.
टाळायच्या वेळा, आणि दुपारची चांगली वेळ
- सूर्योदय 06:17
- सूर्यास्त 18:57
- परंपरेत त्याज्य
- परंपरेत शुभ
सूर्योदय, सूर्यास्त आणि शुभ-अशुभ वेळा (मुहूर्त)
| कालखंड | पासून | पर्यंत | जुने ग्रंथ काय सांगतात |
|---|---|---|---|
| सूर्योदय | 06:17 | — | |
| सूर्यास्त | 18:57 | — | |
| राहुकाळ | 17:22 | 18:57 | सुमारे दीड तासाचा काळ, जो वारानुसार बदलतो. परंपरेनुसार या वेळेत नवीन काही सुरू करू नये. |
| गुलिक | 15:47 | 17:22 | दिवसातील शनीचा भाग. राहुकाळाच्या कारणांसाठीच ही वेळ टाळली जाते. |
| यमगंड | 12:37 | 14:12 | टाळायची आणखी एक वेळ, तीही वारानुसार ठरते. |
| अभिजित | 12:12 | 13:02 | स्थानिक दुपारच्या आसपासची वेळ. परंपरेनुसार ही दिवसातील सर्वोत्तम वेळ आहे, आणि दुसरी कोणतीही चांगली वेळ उपलब्ध नसेल तेव्हा हीच वापरतात. बुधवारी वापरली जात नाही. |
| ब्रह्म मुहूर्त | 04:46 | 05:32 | पहाटेपूर्वी: परंपरेने उठणे, प्रार्थना, ध्यान आणि अभ्यासाची वेळ. |
| प्रातः संध्या | 05:09 | 06:17 | पहाटेची संध्या, सूर्योदयाला संपणारी: सकाळच्या पूजेची वेळ. |
| विजय मुहूर्त | 14:44 | 15:34 | प्रवासाला निघण्यासाठी आणि यश हवे असलेल्या कामांसाठी शुभ. |
| गोधूलि मुहूर्त | 18:57 | 19:19 | सूर्यास्ताची गोरज वेळ: अनेक प्रदेशांत विवाहासाठी शुभ. |
| सायाह्न संध्या | 18:57 | 20:05 | सायंकाळची संध्या, सूर्यास्तापासून: सायंकाळच्या पूजेची वेळ. |
| निशीथ मुहूर्त | 00:14 | 00:59 21 एप्रि 2025 |
मध्यरात्रीचा मुहूर्त, अभिजितचा प्रतिरूप: शिव आणि कालीच्या पूजेसाठी, जसे शिवरात्रीला. |
| दुर्मुहूर्त | 17:16 | 18:06 | शुभ कार्यांच्या सुरुवातीसाठी वर्ज्य. |
| अमृत काळ | 06:43 | 08:24 | सुमारे दीड तासाचा काळ, जो सूर्यावरून नव्हे तर चंद्राच्या नक्षत्रावरून ठरतो: शुभ कार्याची सुरुवात करण्यासाठी उत्तम मानला जातो. |
| अमृत काळ | 06:00 21 एप्रि 2025 |
07:39 21 एप्रि 2025 |
सुमारे दीड तासाचा काळ, जो सूर्यावरून नव्हे तर चंद्राच्या नक्षत्रावरून ठरतो: शुभ कार्याची सुरुवात करण्यासाठी उत्तम मानला जातो. |
| वर्ज्यम् | 20:04 | 21:44 | चंद्राच्या नक्षत्रावरून ठरणारा सुमारे दीड तासाचा काळ, ज्याला त्याज्यम् असेही म्हणतात: यात नवी कामे सुरू करत नाहीत. दक्षिण भारतात राहु काळाबरोबर विशेष पाळला जातो. |
दिवसाची माहिती
- दिनमान
- 12 ता 39 मि
- रात्रिमान
- 11 ता 19 मि
- मध्यान्ह
- 12:37
- आज प्रवासासाठी टाळायची दिशा (दिशा शूल)
- पश्चिम
इथे सूर्योदय म्हणजे सूर्याची वरची कडा दिसू लागते ती वेळ, जशी दृक् पंचांगात धरली जाते. सूर्याचा मध्य धरणाऱ्या पंचांगांमध्ये दोन ते चार मिनिटांचा फरक असू शकतो.
चौघडिया
रात्रीचे चौघडिया दिवसाच्या चौघडियापेक्षा वेगळ्या ठिकाणापासून सुरू होतात, म्हणून दोन्ही वेगवेगळे दिले आहेत.
दिवस
| चौघडिया | पासून | पर्यंत | गुण |
|---|---|---|---|
| उद्वेग | 06:17 | 07:52 | वर्ज्य फक्त शासकीय काम |
| चल | 07:52 | 09:27 | सम प्रवास आणि हालचाल |
| लाभ | 09:27 | 11:02 | शुभ व्यापार, नवा व्यवसाय, लाभ |
| अमृत | 11:02 | 12:37 | सर्वोत्तम कोणतेही काम |
| काल | 12:37 | 14:12 | वर्ज्य काही मतांनुसार फक्त धनसंचय |
| शुभ | 14:12 | 15:47 | शुभ संस्कार, विवाह, कोणतेही मंगल कार्य |
| रोग | 15:47 | 17:22 | वर्ज्य फक्त वाद आणि कर्जवसुली |
| उद्वेग | 17:22 | 18:57 | वर्ज्य फक्त शासकीय काम |
रात्र
| चौघडिया | पासून | पर्यंत | गुण |
|---|---|---|---|
| शुभ | 18:57 | 20:22 | शुभ संस्कार, विवाह, कोणतेही मंगल कार्य |
| अमृत | 20:22 | 21:47 | सर्वोत्तम कोणतेही काम |
| चल | 21:47 | 23:12 | सम प्रवास आणि हालचाल |
| रोग | 23:12 | 00:37 | वर्ज्य फक्त वाद आणि कर्जवसुली |
| काल | 00:37 | 02:02 | वर्ज्य काही मतांनुसार फक्त धनसंचय |
| लाभ | 02:02 | 03:27 | शुभ व्यापार, नवा व्यवसाय, लाभ |
| उद्वेग | 03:27 | 04:51 | वर्ज्य फक्त शासकीय काम |
| शुभ | 04:51 | 06:16 | शुभ संस्कार, विवाह, कोणतेही मंगल कार्य |
गौरी पंचांगम्
दिवसाचे आठ भाग करण्याची तमिळ पद्धत, वेगळ्या नावांसह. हा स्वतंत्र तक्ता आहे, भाषांतर नाही: दिवसाचा कोणता भाग चांगला, यावर दोन्ही पद्धतींचे नेहमी एकमत नसते.
| गौरी | पासून | पर्यंत | गुण |
|---|---|---|---|
| लाभम् | 06:17 | 07:52 | शुभ लाभ, नवे काम |
| धनम् | 07:52 | 09:27 | शुभ धन, खरेदी, व्यापार |
| सुगम् | 09:27 | 11:02 | शुभ प्रवास, सुलभता, आदरातिथ्य |
| अमृतम् | 11:02 | 12:37 | सर्वोत्तम कोणतेही मंगल कार्य |
| उथि | 12:37 | 14:12 | सम सामान्य काम |
| सोरम् | 14:12 | 15:47 | वर्ज्य काहीही नवे नाही |
| रोगम् | 15:47 | 17:22 | वर्ज्य फक्त औषध |
| विषम् | 17:22 | 18:57 | वर्ज्य काहीही नवे नाही |
या दिवसाचा अधिक तपशीलदिवसभरातील चंद्र आणि सूर्याच्या राशी, वर्षे (संवत्), ऋतू, विशेष योग आणि वेळा, चंद्रबळ आणि ताराबळ, दिवसभरातील उदय राशी (लग्न), आणि होरा तक्ता.
दिवसाबद्दल आणखी
- चंद्र राशी
- धनू · 18:04 पर्यंत
नंतर मकर - सूर्य राशी
- मेष
- नक्षत्र चरण
- पूर्वाषाढा चरण 4 · 11:48 पर्यंत
उत्तराषाढा चरण 1 · 18:04 पर्यंत
उत्तराषाढा चरण 2 · 00:18 (21 एप्रि 2025) पर्यंत
उत्तराषाढा चरण 3 - सूर्य नक्षत्र
- अश्विनी चरण 2 · 22:59 पर्यंत
नंतर अश्विनी चरण 3 - आनंदादी योग
- शुभ · 11:48 पर्यंत
नंतर अमृत - शके
- 1947 विश्वावसु
- विक्रम संवत
- 2082 कालयुक्त
- गुजराती संवत
- 2081 नल
- ऋतू (चांद्र मासानुसार)
- वसन्त
- ऋतू (सूर्याच्या ऋतूनुसार)
- ग्रीष्म
- अयन (निरयन)
- उत्तरायण
- अयन (अयनांतानुसार)
- उत्तरायण
- चंद्र वास (चंद्राची दिशा)
- पूर्व · 18:04 पर्यंत
नंतर दक्षिण - राहु वास (राहूची दिशा)
- उत्तर
- बृहस्पती संवत्सर
- कालयुक्त · 14:42 (25 एप्रि 2025) पर्यंत
शक संवत चैत्र शुद्ध प्रतिपदेला (गुढीपाडव्याला) सुरू होतो, आणि गुजराती वर्ष कार्तिक शुद्ध प्रतिपदेला, म्हणजे दिवाळीच्या दुसऱ्या दिवशी. दोन ऋतू दिले आहेत, कारण एक चांद्र महिन्यानुसार चालतो आणि दुसरा सूर्याच्या प्रत्यक्ष ऋतूनुसार.
| कालखंड | पासून | पर्यंत | जुने ग्रंथ काय सांगतात |
|---|---|---|---|
| रवि योग | 06:17 | 11:48 | चंद्राचे नक्षत्र सूर्याच्या नक्षत्रापासून 4थे, 6वे, 9वे, 10वे, 13वे किंवा 20वे असते तेव्हा: दिवसाचे अनेक दोष दूर करणारा मानला जातो, म्हणून कार्यारंभासाठी शोधला जातो. |
| भद्रा | 06:17 | 06:46 | विष्टी करण. यात शुभ कार्ये टाळली जातात, विशेषतः भद्रा पृथ्वीवर वास करते असे मानले जाते तेव्हा; स्वर्गात किंवा पाताळात असल्यास येथे निरुपद्रवी मानली जाते. पाताळात |
| गंड मूळ | आज नाही | चंद्र अश्विनी, आश्लेषा, मघा, ज्येष्ठा, मूळ किंवा रेवतीत, जल आणि अग्नी राशींच्या संधीवरील नक्षत्रे. यात जन्म झाल्यास परंपरेने शांती केली जाते. | |
| पंचक | आज नाही | चंद्र कुंभ किंवा मीनमध्ये, धनिष्ठेच्या उत्तरार्धापासून रेवतीच्या अखेरपर्यंत. परंपरेने दक्षिणेकडील प्रवास, छत घालणे आणि लाकूड गोळा करणे टाळले जाते. | |
| बाण: चोर | 06:36 | 06:16 21 एप्रि 2025 |
राशीतील सूर्याच्या अंशावरून ठरतो, म्हणून प्रत्येक बाण सुमारे एक दिवस राहतो. मुहूर्त ग्रंथ औषधासाठी रोग, बांधकामासाठी अग्नी, शासनाशी व्यवहारासाठी राज, प्रवासासाठी चोर आणि विवाहासाठी मृत्यू बाण टाळतात. |
चंद्रबळ आणि ताराबळ
यांच्या मदतीने तुम्ही हा दिवस तुमच्या स्वतःच्या राशीसाठी (चंद्र राशी) आणि जन्मनक्षत्रासाठी कसा आहे ते तपासू शकता. तुमची राशी किंवा नक्षत्र यादीत असेल, तर हा दिवस तुमच्यासाठी अनुकूल आहे. चंद्रबळात त्या दिवशीच्या चंद्राची राशी तुमच्या राशीपासून मोजली जाते (1ली, 3री, 6वी, 7वी, 10वी आणि 11वी शुभ); ताराबळात त्या दिवशीच्या चंद्राचे नक्षत्र तुमच्या नक्षत्रापासून नऊ-नऊच्या गटांत मोजले जाते.
- चंद्रबळ · 18:04 पर्यंत
- मिथुन, कर्क, तूळ, धनू, कुंभ, मीन
अष्टम चंद्र: वृषभ - चंद्रबळ · पुढच्या सूर्योदयापर्यंत
- मेष, कर्क, सिंह, वृश्चिक, मकर, मीन
अष्टम चंद्र: मिथुन - ताराबळ · 11:48 पर्यंत
- अश्विनी, कृत्तिका, रोहिणी, आर्द्रा, पुष्य, मघा, उत्तरा फाल्गुनी, हस्त, स्वाती, अनुराधा, मूळ, उत्तराषाढा, श्रवण, शततारका, उत्तरा भाद्रपदा
- ताराबळ · पुढच्या सूर्योदयापर्यंत
- भरणी, रोहिणी, मृगशीर्ष, पुनर्वसू, आश्लेषा, पूर्वा फाल्गुनी, हस्त, चित्रा, विशाखा, ज्येष्ठा, पूर्वाषाढा, श्रवण, धनिष्ठा, पूर्वा भाद्रपदा, रेवती
उदय लग्न
| लग्न | पासून | पर्यंत |
|---|---|---|
| मेष | 06:01 | 07:45 |
| वृषभ | 07:45 | 09:44 |
| मिथुन | 09:44 | 11:57 |
| कर्क | 11:57 | 14:10 |
| सिंह | 14:10 | 16:18 |
| कन्या | 16:18 | 18:25 |
| तूळ | 18:25 | 20:37 |
| वृश्चिक | 20:37 | 22:51 |
| धनू | 22:51 | 00:57 21 एप्रि 2025 |
| मकर | 00:57 21 एप्रि 2025 | 02:46 21 एप्रि 2025 |
| कुंभ | 02:46 21 एप्रि 2025 | 04:23 21 एप्रि 2025 |
| मीन | 04:23 21 एप्रि 2025 | 05:57 21 एप्रि 2025 |
पंचक रहित मुहूर्त
| कालखंड | पासून | पर्यंत |
|---|---|---|
| रोग | 06:17 | 07:45 |
| पंचक रहित (शुभ) | 07:45 | 09:44 |
| मृत्यू | 09:44 | 11:48 |
| अग्नी | 11:48 | 11:57 |
| पंचक रहित (शुभ) | 11:57 | 14:10 |
| राज | 14:10 | 16:18 |
| पंचक रहित (शुभ) | 16:18 | 18:25 |
| चोर | 18:25 | 19:01 |
| पंचक रहित (शुभ) | 19:01 | 20:37 |
| रोग | 20:37 | 22:51 |
| पंचक रहित (शुभ) | 22:51 | 00:57 21 एप्रि 2025 |
| मृत्यू | 00:57 21 एप्रि 2025 | 02:46 21 एप्रि 2025 |
| अग्नी | 02:46 21 एप्रि 2025 | 04:23 21 एप्रि 2025 |
| पंचक रहित (शुभ) | 04:23 21 एप्रि 2025 | 05:57 21 एप्रि 2025 |
| मृत्यू | 05:57 21 एप्रि 2025 | 06:16 21 एप्रि 2025 |
पूर्वेला उगवणारी राशी (लग्न) दिवसभर बदलत राहते — सूर्योदयाच्या वेळी उगवणाऱ्या राशीपासून सुरुवात होते. पंचक रहित मुहूर्त पद्धतीत, जिथे लग्न, तिथी किंवा नक्षत्र बदलते तिथे दिवसाचे भाग केले जातात, आणि प्रत्येक भाग पंचकापासून मुक्त (शुभ) आहे की नाही ते दाखवले जाते.
होरा (ग्रहांचे तास)
सूर्योदयापासून सुरू करून दिवस आणि रात्र प्रत्येकी बारा होरांमध्ये विभागले जातात, आणि प्रत्येक होरेचा स्वामी एक ग्रह असतो. दिवसाच्या होरा उजेडाचा वेळ वाटून घेतात आणि रात्रीच्या होरा अंधाराचा, त्यामुळे उन्हाळ्यात दिवसाची होरा एका तासापेक्षा मोठी असते. प्रत्येक दिवसाची पहिली होरा त्या दिवसाच्या ग्रहाची असते, आणि वारांची नावे तिथूनच आली आहेत.
| # | होरा स्वामी | पासून | पर्यंत | कशासाठी |
|---|---|---|---|---|
| 1 | सूर्य | 06:17 | 07:20 | अधिकार, शासकीय काम, वडिलांशी संबंधित काम संयम मागणाऱ्या कामासाठी नाही |
| 2 | शुक्र | 07:20 | 08:24 | विवाह, कला, सुखसाधनांची खरेदी, आदरातिथ्य तप किंवा कठोर घासाघीससाठी नाही |
| 3 | बुध | 08:24 | 09:27 | व्यापार, लेखन, हिशेब, अभ्यास, वाटाघाटी जे कायमस्वरूपी हवे त्यासाठी नाही |
| 4 | चंद्र | 09:27 | 10:30 | प्रवास, पाणी, आई, आणि जिथे मृदू उत्तर हवे ज्या निर्णयावर ठाम राहायचे त्यासाठी नाही |
| 5 | शनी | 10:30 | 11:34 | श्रम, दुरुस्ती, आणि जे संथ व संरचनात्मक ज्या सुरुवातीला वेग हवा त्यासाठी नाही |
| 6 | गुरू | 11:34 | 12:37 | शिक्षण, सल्ला, संस्कार, आणि जे टिकावे सर्वसाधारणपणे सर्वाधिक शुभ होरा |
| 7 | मंगळ | 12:37 | 13:40 | शस्त्रक्रिया, खेळ, जमीन, आणि निवडलेला संघर्ष वाटाघाटी किंवा पहिल्या भेटीसाठी नाही |
| 8 | सूर्य | 13:40 | 14:44 | अधिकार, शासकीय काम, वडिलांशी संबंधित काम संयम मागणाऱ्या कामासाठी नाही |
| 9 | शुक्र | 14:44 | 15:47 | विवाह, कला, सुखसाधनांची खरेदी, आदरातिथ्य तप किंवा कठोर घासाघीससाठी नाही |
| 10 | बुध | 15:47 | 16:50 | व्यापार, लेखन, हिशेब, अभ्यास, वाटाघाटी जे कायमस्वरूपी हवे त्यासाठी नाही |
| 11 | चंद्र | 16:50 | 17:54 | प्रवास, पाणी, आई, आणि जिथे मृदू उत्तर हवे ज्या निर्णयावर ठाम राहायचे त्यासाठी नाही |
| 12 | शनी | 17:54 | 18:57 | श्रम, दुरुस्ती, आणि जे संथ व संरचनात्मक ज्या सुरुवातीला वेग हवा त्यासाठी नाही |
| 13 रात्र | गुरू | 18:57 | 19:53 | शिक्षण, सल्ला, संस्कार, आणि जे टिकावे सर्वसाधारणपणे सर्वाधिक शुभ होरा |
| 14 रात्र | मंगळ | 19:53 | 20:50 | शस्त्रक्रिया, खेळ, जमीन, आणि निवडलेला संघर्ष वाटाघाटी किंवा पहिल्या भेटीसाठी नाही |
| 15 रात्र | सूर्य | 20:50 | 21:47 | अधिकार, शासकीय काम, वडिलांशी संबंधित काम संयम मागणाऱ्या कामासाठी नाही |
| 16 रात्र | शुक्र | 21:47 | 22:43 | विवाह, कला, सुखसाधनांची खरेदी, आदरातिथ्य तप किंवा कठोर घासाघीससाठी नाही |
| 17 रात्र | बुध | 22:43 | 23:40 | व्यापार, लेखन, हिशेब, अभ्यास, वाटाघाटी जे कायमस्वरूपी हवे त्यासाठी नाही |
| 18 रात्र | चंद्र | 23:40 | 00:37 | प्रवास, पाणी, आई, आणि जिथे मृदू उत्तर हवे ज्या निर्णयावर ठाम राहायचे त्यासाठी नाही |
| 19 रात्र | शनी | 00:37 | 01:33 | श्रम, दुरुस्ती, आणि जे संथ व संरचनात्मक ज्या सुरुवातीला वेग हवा त्यासाठी नाही |
| 20 रात्र | गुरू | 01:33 | 02:30 | शिक्षण, सल्ला, संस्कार, आणि जे टिकावे सर्वसाधारणपणे सर्वाधिक शुभ होरा |
| 21 रात्र | मंगळ | 02:30 | 03:27 | शस्त्रक्रिया, खेळ, जमीन, आणि निवडलेला संघर्ष वाटाघाटी किंवा पहिल्या भेटीसाठी नाही |
| 22 रात्र | सूर्य | 03:27 | 04:23 | अधिकार, शासकीय काम, वडिलांशी संबंधित काम संयम मागणाऱ्या कामासाठी नाही |
| 23 रात्र | शुक्र | 04:23 | 05:20 | विवाह, कला, सुखसाधनांची खरेदी, आदरातिथ्य तप किंवा कठोर घासाघीससाठी नाही |
| 24 रात्र | बुध | 05:20 | 06:16 | व्यापार, लेखन, हिशेब, अभ्यास, वाटाघाटी जे कायमस्वरूपी हवे त्यासाठी नाही |
सण आणि व्रते
या तारखेला काही नोंदलेले नाही.