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चंद्र राशि के अनुसार राशिफल

कुम्भ राशिफल · 2026

सावधानी रखें

साल संक्षेप में

इस साल गुरु आपके छठे भाव में है। परंपरा इसे बढ़ोतरी के लिए धीमा साल मानती है; फैलाव के बजाय सँभलकर नींव मज़बूत करें।

शनि आपके दूसरे भाव में है। परंपरा इसे ऐसा समय मानती है, जब शनि धैर्य, अनुशासन और सेहत व पैसे में सावधानी माँगता है।

शनि आपकी चंद्र राशि से दूसरे भाव में है: साढ़े साती का आख़िरी चरण। आपकी साढ़े साती की सटीक तारीख़ें

आपकी राशि से हर ग्रह कहाँ है

आपकी चंद्र राशि से भावों में गिना गया। हाइलाइट किए गए ग्रह इस अवधि का रुख़ तय करते हैं।

ग्रहपरंपरा क्या कहती है
सूर्य सावधानी माँगता है पाँचवें भाव · मिथुन
काम, अधिकार, सेहत, और बड़ों तथा पिता से व्यवहार।
चंद्र सावधानी माँगता है बारहवें भाव · मकर
मनोदशा, मन, सुख और माँ।
मंगल सावधानी माँगता है चौथे भाव · वृषभ
ऊर्जा, साहस, संपत्ति और भाई; साथ ही ग़ुस्सा और दुर्घटनाएँ।
बुध
(वक्री)
शुभ छठे भाव · कर्क
पढ़ाई, व्यापार, लेखन, बातचीत और हिसाब-किताब।
गुरु सावधानी माँगता है छठे भाव · कर्क
बढ़ोतरी, ज्ञान, संतान, बचत और अच्छी सलाह।
शुक्र सावधानी माँगता है छठे भाव · कर्क
रिश्ते, शादी, सुख-सुविधा, वाहन और कलाएँ।
शनि सावधानी माँगता है दूसरे भाव · मीन
कड़ी मेहनत, अनुशासन, देरी और लंबे प्रयास।
राहु सावधानी माँगता है पहले भाव · कुम्भ
महत्वाकांक्षा, विदेश से जुड़ाव और अनपेक्षित बातें।
केतु सावधानी माँगता है सातवें भाव · सिंह
मोह छोड़ना, आध्यात्मिक बातें और अचानक बदलाव।

राशि बदलने वाले ग्रह

वक्री या मार्गी होने वाले ग्रह

यह राशिफल कैसे निकाला जाता है

इस अवधि के लिए हर ग्रह की स्थिति निकाली जाती है और चंद्र राशि से भावों में गिनी जाती है। शास्त्रीय गोचर नियम (फलदीपिका, बृहत् संहिता) बताते हैं कि हर ग्रह का गोचर किन भावों में शुभ है; बाक़ी भावों में वह कठिन है। कोई शुभ स्थिति तब कट जाती है (वेध), जब कोई दूसरा ग्रह उसके वेध वाले भाव में हो। दिन का रुख़ चंद्रमा तय करता है; हफ़्ते या महीने का सूर्य, मंगल, बुध और शुक्र; और साल का गुरु, शनि और राहु।

ग्रहकिन भावों में शुभवेध (शुभ भाव → बाधा वाला भाव)
सूर्य3, 6, 10, 11 3→9, 6→12, 10→4, 11→5
चंद्र1, 3, 6, 7, 10, 11 1→5, 3→9, 6→12, 7→2, 10→4, 11→8
मंगल3, 6, 11 3→12, 6→9, 11→5
बुध2, 4, 6, 8, 10, 11 2→5, 4→3, 6→9, 8→1, 10→8, 11→12
गुरु2, 5, 7, 9, 11 2→12, 5→4, 7→3, 9→10, 11→8
शुक्र1, 2, 3, 4, 5, 8, 9, 11, 12 1→8, 2→7, 3→1, 4→10, 5→9, 8→5, 9→11, 11→6, 12→3
शनि3, 6, 11 3→12, 6→9, 11→5
राहु3, 6, 11 —
केतु3, 6, 11 —

ग्रंथों के अनुसार सूर्य और शनि के बीच, और चंद्रमा और बुध के बीच कोई वेध नहीं गिना जाता। राहु और केतु शनि वाले भावों का ही पालन करते हैं। यह राशिफल इस राशि में जन्मे सभी लोगों के लिए है; आपकी अपनी कुंडली और दशा इससे ज़्यादा मायने रखती हैं।

समय भारतीय मानक समय में हैं।