उपवासाच्या तारखा
संक्रांत 2045 · लखनौ, उत्तर प्रदेश, भारत
सूर्याचा पुढच्या राशीत प्रवेश, वर्षातून बारा वेळा. जानेवारीतील मकर संक्रांत सर्वांत प्रसिद्ध आहे.
| दिनांक | सूर्याचा राशीप्रवेश |
|---|---|
| 14 जाने 2045 शनिवार |
मकर संक्रांत 14 जाने 2045 12:01 |
| 13 फेब्रु 2045 सोमवार |
कुंभ संक्रांत 13 फेब्रु 2045 00:59 |
| 14 मार्च 2045 मंगळवार |
मीन संक्रांत 14 मार्च 2045 21:50 |
| 14 एप्रि 2045 शुक्रवार |
मेष संक्रांत 14 एप्रि 2045 06:18 |
| 15 मे 2045 सोमवार |
वृषभ संक्रांत 15 मे 2045 03:08 |
| 15 जून 2045 गुरुवार |
मिथुन संक्रांत 15 जून 2045 09:42 |
| 16 जुलै 2045 रविवार |
कर्क संक्रांत 16 जुलै 2045 20:33 |
| 17 ऑग 2045 गुरुवार |
सिंह संक्रांत 17 ऑग 2045 04:55 |
| 17 सप्टें 2045 रविवार |
कन्या संक्रांत 17 सप्टें 2045 04:51 |
| 17 ऑक्टो 2045 मंगळवार |
तूळ संक्रांत 17 ऑक्टो 2045 16:50 |
| 16 नोव्हें 2045 गुरुवार |
वृश्चिक संक्रांत 16 नोव्हें 2045 16:42 |
| 16 डिसें 2045 शनिवार |
धनू संक्रांत 16 डिसें 2045 07:25 |
दिवस कसा ठरवला जातो
सूर्य राशीत (निरयन राशिचक्रात) प्रवेश करतो तो क्षण, या गावाच्या घड्याळानुसार, ज्या दिवसात येतो तो दिवस.
तारखा आणि वेळा लखनौ, उत्तर प्रदेश, भारत साठी आहेत. सूर्योदयाच्या जवळ तिथी बदलत असेल, तर दुसऱ्या गावात एका दिवसाचा फरक पडू शकतो. वर ठिकाण बदलता येते.